际能源署的新报告指出,由于中国和印度的大规模投资,可再生能源的成本正迅速降低。
与此同时,美国作为头号油气生产大国的地位则更加巩固,代替俄国成为这些污染产业的领头者,奥巴马时期来之不易的绿色政策被摧毁殆尽。
《世界能源展望2017》显示,中国正坚定不移地逐步摆脱煤炭,通过制定长期经济政策来支持可持续增长、消除空气污染并提出建设“美丽中国”的政治愿景。
国际能源署在这份年度报告中首次增加了一个关于中国发展新时期的章节。在十月份举行的中国共产党第十九次全国代表大会上,习近平主席再次重申要“打赢蓝天保卫战”。其中就包括要在“生态文明”精神指导下重新构建全国能源体系,所谓“生态文明”就是要与自然共同和谐发展。
引领未来的能源市场也符合习近平主席今年年初在瑞士达沃斯论坛上表述的观点,即建立一个以亚洲为中心的世界贸易新秩序。
《世界能源展望2017》指出:“中国的选择对于全球趋势的定调至关重要,可以更快地推动清洁能源转型。中国清洁能源部署、技术出口和对外投资的规模注定会使其成为推动低碳转型的一个关键决定因素。”
报告还指出,美国已经毫无争议地成为全球头号油气生产国,并且预计产量将会继续扩大。
国际能源署负责人法蒂赫·比罗尔在波恩的一次新闻发布会上说:“未来十年,全球八成的新增石油产量将来自美国,超过之前一直是世界最大生产国的俄国。”他警告说,现有的和规划中的政策并不足以避免气候变化的严重影响。
聚光灯下的中国
国际能源署的这份最新报告在波恩联合国气候大会期间发布。而在其发布的前两天,“全球碳计划”的另一份报告称,在经过三年的零增长之后,2017年中国的碳排放预计将增加3.5%。
但是,国际能源署的报告却认为,作为中国碳排放主要来源的煤炭使用正趋于下降。
比罗尔说:“中国的煤炭消费量正在减少,而非仅仅增长放缓。政府大力关闭低能效燃煤电厂和落后煤矿。我认为这一举措更多是出于空气污染而非气候原因。”
据预测,到2040年中国新增的发电产能将相当于美国的整个电力系统。国际能源署认为,根据现有政策,中国的煤炭消费将在未来几年达到峰值,到2040年将减少15%。中国对电动汽车的投资也将占全球的四成以上。
煤炭正在被可再生能源、天然气和核能替代。三分之一的世界新增风电和太阳能光伏电站及近三分之二的在建核电站都在中国。同时中国也在大力投资天然气。
太阳能转型
2016年,由于成本下降,中国约有一半的新建电厂都是太阳能电厂,超过了其他形式能源的增长。
比罗尔接受中外对话采访时说:“过去三年太阳能光伏的价格降低了一半,据我所知没有其他商品的价格在这段时间内下降这么多,面包、牛奶、汽油都没有。我们认为未来三年这个价格会再降一半。”
他说:“之前有人断言发展中国家只能依靠价格更低廉的煤炭,如今太阳能价格的下降让这个说法难以成立。”
印度政策开花结果
比罗尔说:“在印度和其他南亚国家,我们也看到了十分积极的进展。印度莫迪政府推行的快速普及电力的政策逐步得到落实。未来八年,印度将为3亿人口带来电力,这将是一个巨大的成就。”
但他也指出,印度、东南亚和撒哈拉以南非洲的能源普及工作仍任重而道远。
比罗尔说:“未来20年,印度新增的发电产能将相当于目前欧洲的总产能。在撒哈拉以南非洲,国际能源署也看到能源普及率呈持续上升的势头。因此,各国政府都必须最大程度地抓住可再生能源成本下降的机遇大力发展,这一点非常重要。”
他补充说:“接下来,印度的主要挑战是太阳能供应如何满足人们晚上下班回家后的电力需求高峰。电池储能方面的创新将是解决这一问题的关键。”
非洲:可再生能源潜力最大
能源普及需求最为急迫的大陆就是非洲,这里有三分之二的人还没有获得电力。
比罗尔强调了非洲水力发电的巨大潜力,但同时警告说在河流上修筑大坝会破坏生物多样性和下游的人类居住点。
Wednesday, September 19, 2018
Thursday, September 13, 2018
英国海军曾在海豚搁浅前举行实弹演习
英国官员承认,在25头海豚在英国西南部康沃尔的河流搁浅死亡之前数小时,皇家海军曾在康沃尔海域举行实弹演习。有关人员已经呼吁对这两起事件可能存在的关联性进行紧急调查。
据《路透社》报道,这些海豚周一游到英国法尔默思附近的 河后死亡。海洋专家,野生动物自愿者和兽医对它们展开紧急营救。这是英国30年来最大规模的海豚搁浅事件。初步的尸验显示,海豚搁浅的原因可能是受惊或是迷失方向。但是,国防部官员表示,很不可能是康沃尔的演习而导致了海豚的死亡。
国防部官员说,在法尔默斯湾的演习中出动了潜艇和一艘使用声纳的探测船。
中国官方媒体报道,周三大雨袭击了中国的南部和东部地区,对一个月前遭受到地震影响的四川省内水库构成了新的威胁。
据《新华社》报道,浙江省东部至少五个水库的水位已超过警戒水位。连日降雨袭击了广东南部,香港降雨量更是创纪录水平,引起山泥倾泻而导致两人死亡。 据《路透社》报道,浙江和广西约有1, 座建筑物倒塌。
世界自然基金会的一报告指出,中国现在的人均生态足迹是20世纪60年代的两倍。中国现在的生态消耗为其自身生态系统可持续供给能力的2倍多。
这份由世界自然基金会和中国环境与发展国际合作委员会共同发布的报告指出,中国现在利用了全球15%的生物承载力。报告说,假设中国要和美国的消耗量一样,即平均每人需要约10公顷的有生产力的土地,那么中国将需要整个地球的资源来提供发展的所需。
报告接着说,但是,如果中国能够在其发展中平衡环境需求,中国可以"引领整个世界向降低生态足迹的方向发展"。 国集团和5个最大新兴国家的科学研究院表示,主要经济体应把世界碳排放量到2050年减少一半作为目标,并研究出填埋温室气体的方法。 这些研究院在一份致参加7月7-9日日本高峰会的各国领导人的声明中说:"减少全球温室气体排放量的进程在放慢" 。他们呼吁八国集团领导人履行2007年的一项协议,"认真考虑"将世界温室气体排放量到2050年减少一半的目标。
这些院校,包括美国国家科学院和中国科学院,还敦促发展碳捕获和储存技术。
该声明说,各国领导人到 年应为建设大量的碳捕获和储存示范厂而制定时间表,准备资金和协调计划" 。 新华社》周一报道,一载有强力化学品的卡车近日在中国西南地区翻车后,泄入河流的化学品对当地20万多人的饮水供给造成了威胁。 该报道说,卡车上载有苯酚—一种用于生产塑料和药品腐蚀性化合物。该翻车事件周六发生在在云南省百色大坝上游附近。
报道说,周一这些化学品距离为20万人供给饮水管道的上游仅有15公里。英国广播公司报道,中国军队已通过管道把唐家山湖的水排到一座被遗弃的城市,从而降低了这个在5.12地震中形成的堰塞湖的水位。 该报道称,武警官兵使用炸药炸开河渠,将在地震后滑坡形成的唐家山湖湖水引到在地震中遭受破坏的北川市。
该地震造成了近8.7万人的死亡或失踪,并且促成了30多个堰塞湖。
英国环境调查局表明,在中国,一些动物园仍制造和出售虎骨酒。其中两个公园的工作人员向来自英国的这一非政府组织研究人员出售非法酒。这种酒是将老虎尸体泡在米酒中酿造而成。
英国环境调查局说,河北省私有秦皇岛野生动物公园向他们提供的酒,是一种"健康补品"。自1987年以来,国际上一直在禁止濒危物种身体部分的交易。在中国,这些交易在1989年被宣布为非法。但是,尽管全球环保人士的努力,老虎的数目仍继续下降。
在去年有关濒危物种国际贸易上的全球公约的高级会议上,中国代表团提出结束其国内禁令的可能性,以让圈养虎身体部分可得到使用。
Monday, September 3, 2018
क्यों है भारतीय महिलाओं में विटामिन-डी की कमी?
क्या आप जानते हैं :
- उत्तर भारत में रहने वाली तक़रीबन 69 फ़ीसदी महिलाओं में विटामिन-डी की कमी है.
- तक़रीबन 26 फ़ीसदी महिलाओं में विटामिन-डी पर्याप्त है.
- केवल 5 फ़ीसदी महिलाओं में ही सही मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है.
रिपोर्ट में जो बातें निकल कर सामने आई हैं वो चौंकाने वाली हैं.
यूं तो विटामिन-डी का सीधा संबंध धूप से है. सूर्य की किरणों से मिलने वाला विटामिन स्वस्थ हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि शरीर के प्रतिरोधी तंत्र के लिए भी बहुत ज़रूरी है.
चूंकि भारतीय महिलाएं ज़्यादातर घर के कामकाज में व्यस्त रहती हैं इस वजह से धूप का सेवन कम करती हैं.
दूसरी वजह है भारतीय महिलाओं का परिधान. अकसर भारतीय महिलाएं या तो साड़ी पहनती हैं या तो सूट. इस वजह से उनका हर अंग कपड़ों से ढका रहता है. ये भी महत्वपूर्ण वजह है विटामिन-डी के कमी की.
तीसरी वजह, महिलाओं में होने वाला हॉर्मोनल बदलाव. मेनोपोज़ के बाद और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं में ये दिक्क़त ज़्यादा देखने को मिलती है.
पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, आर वेंकटरमन और प्रणब मुखर्जी के फ़ीज़िशियन रह चुके डॉ. मोहसीन वली के मुताबिक़ विटामिन डी की कमी की एक चौथी वजह भी है.
उनके मुताबिक़ "अकसर लोग समझते हैं कि धूप ना मिलने की वजह से ही विटामिन-डी की कमी होती है. ये एक वजह है लेकिन एकमात्र वजह नहीं है."
"विटामिन-डी की कमी की बहुत बड़ी वजह खाने में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल है. रिफाइंड तेल के इस्तेमाल की वजह से शरीर में कोलेस्ट्रॉल मॉलिक्युल (कण) कम बनते हैं. शरीर में विटामिन-डी बनाने में कोलेस्ट्रॉल के कणों का काफी योगदान होता है. इसकी वजह से विटामिन-डी को शरीर में प्रोसेस करने में दिक्क़त आने लगती है."
तो क्या खाने में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर देना चाहिए?
इस सवाल के जवाब में डॉ. वली कहते हैं, "कोशिश ज़रूर करनी चाहिए. अगर एक बार में ऐसा करना संभव न हो तो धीरे-धीरे घी और सरसों के तेल पर निर्भरता बढ़ाई जा सकती है."
रिफाइंड में ट्रांस फ़ैट ज़्यादा होता है. ट्रांस फ़ैट शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और बुरे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. इस वजह से दूसरी बीमारियों का भी ख़तरा बढ़ता है.
विटामिन-डी की मात्रा खून में 75 नैनो ग्राम हो तो ही सही माना जाता है.
जब खून में विटामिन-डी की मात्रा 50 से 75 नैनो ग्राम के बीच होती है तो व्यक्ति में विटामिन डी की मात्रा को अपर्याप्त माना जाता है.
डॉक्टरों के मुताबिक़, खून में विटामिन-डी की मात्रा 50 नैनो ग्राम से कम हो तो उस शख्स को विटामिन-डी की कमी का शिकार मानते हैं.
डॉ. वली की मानें तो विटामिन-डी की कमी को भारत सरकार को महामारी करार दे देना चाहिए क्योंकि 95 फ़ीसदी महिलाएं इससे पीड़ित हैं.
वो कहते हैं "ऐसा नहीं है कि पुरुषों को ये बीमारी नहीं होती. लेकिन महिलाओं के मुक़ाबले उनमें ये दिक्क़त कम पाई जाती है."
आज ज़्यादातर भारतीयों में विटामिन-डी 5 से 20 नैनोग्राम के बीच में पाया जाता है.
बिना काम के जल्दी थकान, जोड़ों में दर्द, पैरों में सूजन, लंबे वक्त तक खड़े रहने में दिक्कत, मांस-पेशियों में कमज़ोरी, विटामिन-डी की कमी के ये लक्षण है.
ये ऐसे लक्षण हैं जिन्हें लोग ज़्यादा गंभीरता से नहीं लेते. दरअसल यही नुकसान की सबसे बड़ी वजह है. विटामिन-डी की कमी धीरे-धीरे शरीर के सभी हिस्सों को कमज़ोर बना देती है जिसकी वजह से बुढ़ापे में हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ो में ज़्यादा दर्द होता है.
डॉक्टरों के मुताबिक़, विटामिन-डी की कमी से सीधे कोई नुकसान नहीं होता. लेकिन शरीर में विटामिन-डी की कमी हो तो शरीर में कैल्शियम सोखने की क्षमता कम हो जाती है और शरीर में दूसरी दिक्क़तें शुरू हो जाती हैं.
इस वजह से हड्डियों, मांसपेशियों और जोड़ो में सबसे अधिक दिक्क़त आती है. सबसे ज़्यादा ख़तरा हड्डियों के फ़्रैक्चर होने का होता है.
भारत में हुए शोध में पाया गया है कि जिन महिलाओं में विटामिन-डी की कमी है, उनमें डायबिटीज़ का ख़तरा ज़्यादा होता है. इसके लिए उत्तर भारत की 800 महिलाओं पर शोध किया गया, जिनकी उम्र 20 से 60 साल के बीच थी.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध की बात करें तो ब्रिटेन में इस पर काफ़ी काम हुआ है. ब्रिटेन की 'न्यूरोलॉजी' नाम की पत्रिका में छपे शोध में कहा गया है कि विटामिन-डी की कमी से उम्रदराज़ लोगों में पागलपन का ख़तरा बढ़ जाता है. इस शोध के लिए 65 साल से अधिक की उम्र के 1,650 से अधिक लोगों पर अध्ययन किया गया, जिसके बाद इस नतीजे पर पहुंचा गया है.
ऐसा ही एक शोध यूनिवर्सिटी ऑफ़ एकेस्टर मेडिकल स्कूल में हुआ. वहां डेविड लेवेलिन के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय टीम ने लगभग छह साल तक उम्रदराज़ लोगों पर शोध किया. शोध से पहले इन सभी व्यक्तियों में पागलपन, दिल की बीमारियां और दिल क दौरा जैसी बीमारियां नहीं थीं.
अध्ययन के अंत में पाया गया कि 1,169 लोगों में विटामिन-डी का स्तर अच्छा था और उनमें 10 में से एक व्यक्ति में पागलपन का ख़तरा होने की आशंका थी. जिन 70 व्यक्तियों में विटामिन-डी का स्तर बहुत कम था, उनमें से पाँच में से एक में पागलपन का ख़तरा होने की आशंका जताई गई.
एम्स में हड्डियों के विभाग में डॉक्टर सी एस यादव के मुताबिक़, "खाने के ज़रिए विटामिन- डी की कमी को दूर करना थोड़ा मुश्किल है. अंडे के पीले वाले हिस्से में और कुछ ख़ास तरह की मछली में विटामिन-डी पाया जाता है. इसलिए विटामिन-डी की कमी को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है धूप में कम कपड़ों के साथ घूमना और विटामिन-डी का ओरल सप्लीमेंट लेना".
कम कपड़ो का विटामिन डी से क्या संबंध है?
इस सवाल के जवाब में डॉ. यादव कहते हैं, " आम तौर पर लोग पूरी बाजू वाली शर्ट, सूट, पैंट, सलवार या फिर साड़ी पहन कर अगर आप धूप में चलें तो आपको बहुत कम विटामिन-डी मिलेगा. ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसी स्थिति में केवल मुंह ही खुला होता है. शरीर का ज़्यादा हिस्सा धूप के संपर्क में हो तो विटामिन-डी कम समय में ज़्यादा मिल सकती है."
ऐसे में सवाल उठता है कि आमतौर पर कितना घंटा धूप में रहना फायदेमंद होता है?से तो इसका कोई तय फ़ॉर्मूला नहीं है लेकिन डॉक्टर कहते हैं एक घंटा रोज़ धूप में रहने से विटामिन-डी की कमी की समस्या से निजात मिल सकती है. ये एक स्टैंडर्ट फ़ॉर्मूला है.
वैसे सुबह और शाम की धूप में बाहर ठहलना ज़्यादा अच्छा माना जाता है, लेकिन डॉ. यादव कहते हैं कि किसी भी समय की धूप में एक्सपोज़ होने पर काम बन सकता है.
विटामिन-डी की कमी से निपटने में ओरल सप्लीमेंट बहुत कारगर होता है. आठ हफ़्ते तक हर हफ़्ते विटामिन-डी के ओरल सप्लीमेंट खाए जाएं तो ये कारगर होता है.
आमतौर पर एक हफ़्ते में 60 हज़ार यूनिट की विटामिन-डी सप्लीमेंट से लेने की ज़रूरत पड़ती है.
वैसे भारत की भोगौलिक स्थिति ऐसी है जहां साल भर धूप अच्छी मिलती है, इसके बावजूद अगर भारत में ये समस्या तेज़ी से पैर पसार रही है तो ये बेहद गंभीर है.
Subscribe to:
Comments (Atom)